BNS Section 87 in Hindi

BNS Section 87 in Hindi

Table of Contents

BNS Section 87 in Hindi – किसी महिला का अपहरण करना, उसे भगा ले जाना या विवाह के लिए मजबूर करना आदि।

जो कोई किसी स्त्री का अपहरण या अपहरण इस आशय से करता है कि उसे किसी व्यक्ति से उसकी इच्छा के विरुद्ध विवाह करने के लिए विवश किया जाए, या यह जानते हुए कि उसे विवश किया जाएगा, या यह जानते हुए कि उसे विवश किया जाएगा, या यह जानते हुए कि उसे विवश किया जाएगा, या यह जानते हुए कि उसे विवश किया जाएगा, या वह विवश किया जाएगा, तो उसे दस वर्ष तक की अवधि के कारावास से दण्डित किया जाएगा और जुर्माना भी देना होगा; और जो कोई इस संहिता में परिभाषित आपराधिक धमकी या अधिकार के दुरुपयोग या विवश करने के किसी अन्य तरीके से किसी स्त्री को किसी स्थान से जाने के लिए इस आशय से प्रेरित करता है कि उसे विवश किया जाए, या यह जानते हुए कि उसे विवश किया जाएगा, या विवश किया जाएगा, तो वह भी पूर्वोक्त रूप में दण्डनीय होगा।

BNSS वर्गीकरण

  • 10 साल की कैद और जुर्माना
  • गैर-संज्ञेय
  • गैर-जमानती
  • सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय

BNS Section 87 in English

Kidnapping, abducting or inducing woman to compel her marriage, etc.

Whoever kidnaps or abducts any woman with intent that she may be compelled, or knowing it to be likely that she will be compelled, to marry any person against her will, or in order that she may be forced or seduced to illicit intercourse, or knowing it to be likely that she will be forced or seduced to illicit intercourse, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine; and whoever, by means of criminal intimidation as defined in this Sanhita or of abuse of authority or any other method of compulsion, induces any woman to go from any place with intent that she may be, or knowing that it is likely that she will be, forced or seduced to illicit intercourse with another person shall also be punishable as aforesaid.

BNSS Classification

  • Imprisonment for 10 years and fine
  • Non-cognizable
  • Non-bailable
  • Triable by Court of Session
BNS Section 87 in Hindi
BNS Section 87 in Hindi

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 का विस्तृत विश्लेषण – महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा एक सशक्त प्रावधान


🔷  BNS Section 87 in Hindi – क्या है यह प्रावधान?

BNS Section 87 महिलाओं के अपहरण, बहला-फुसलाकर भगाने या ज़बरदस्ती विवाह या यौन शोषण के उद्देश्य से प्रेरित करने जैसी गंभीर घटनाओं को दंडित करता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को ऐसे अपराधों से सुरक्षा देना है, जहां उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध किसी व्यक्ति से विवाह करने या अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है।


🔍  मुख्य तत्व (Key Ingredients of BNS Section 87 in Hindi) – जब यह धारा लगती है

इस धारा को लगाने के लिए निम्नलिखित मुख्य तत्व (ingredients) का पाया जाना आवश्यक है:

  1. अपहरण या बहलाना-फुसलाना – किसी महिला को उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन या धोखे से ले जाना।
  2. उद्देश्य या संभावना
    • कि उसे किसी से जबरदस्ती विवाह करवाया जाए, या
    • कि उसे जबरन या चालाकी से यौन शोषण के लिए प्रेरित किया जाए।
  3. आपराधिक धमकी / अधिकार का दुरुपयोग / अन्य दबाव के तरीके – यदि कोई व्यक्ति इन तरीकों से महिला को किसी स्थान से जाने के लिए मजबूर करता है, और उसका उद्देश्य या संभावित परिणाम यही है कि उसे अवैध यौन संबंध के लिए मजबूर किया जाए।

⚖️  धारा 87 (BNS Section 87 in Hindi) की सजा और कानूनी वर्गीकरण

पैरामीटरजानकारी
सजाअधिकतम 10 वर्ष का कारावास + जुर्माना
अपराध का प्रकारगैर-संज्ञेय (Non-cognizable)
जमानतगैर-जमानती (Non-bailable)
विचारणीय न्यायालयसत्र न्यायालय (Court of Session)

👮‍♀️  पुलिस इस धारा (BNS Section 87 in Hindi) का उपयोग कैसे करती है?

पुलिस, यदि किसी महिला या उसके परिजनों की ओर से शिकायत मिलती है जिसमें यह आरोप हो कि महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध विवाह या यौन शोषण के उद्देश्य से अपहरण किया गया है या प्रेरित किया गया है, तो इस धारा के अंतर्गत जांच प्रारंभ कर सकती है।

हालांकि यह गैर-संज्ञेय अपराध है, फिर भी इसकी गंभीरता को देखते हुए न्यायालय की अनुमति लेकर जांच की जाती है।

🔎 विशेष सलाह: Advocate Sudhir Rao के अनुसार, कई बार झूठे या बदले की भावना से इस धारा का दुरुपयोग भी होता है, ऐसे में सही कानूनी सलाह अत्यंत आवश्यक हो जाती है।


🛡️  अगर आप आरोपी हैं – ये बातें ध्यान रखें

  1. तुरंत कानूनी सलाह लें – एक अनुभवी वकील जैसे Advocate Sudhir Rao से संपर्क करें जो इस धारा की गहराई को समझते हों।
  2. साक्ष्य सुरक्षित रखें – कॉल रिकॉर्डिंग, चैट, महिला की सहमति के सबूत आदि।
  3. FIR की प्रति प्राप्त करें – और उसे ध्यानपूर्वक पढ़ें कि आरोप में किन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है।
  4. जमानत की प्रक्रिया – यह गैर-जमानती अपराध है, इसलिए कोर्ट से ही जमानत लेनी होगी।

Advocate Sudhir Rao के अनुसार, सही समय पर मजबूत anticipatory bail याचिका दायर करने से गिरफ्तारी से बचा जा सकता है।


📣  अगर आप शिकायतकर्ता/Complainant हैं – ध्यान रखने योग्य बातें

  1. तुरंत FIR दर्ज करवाएं – यदि महिला को बहला-फुसलाकर विवाह या यौन शोषण के उद्देश्य से ले जाया गया है।
  2. महिला का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दिलवाएं – धारा 164 CrPC के अंतर्गत।
  3. डॉक्युमेंटेशन और साक्ष्य – महिला की इच्छा के विरुद्ध घटना होने के पर्याप्त साक्ष्य (गवाह, CCTV, कॉल रिकॉर्ड्स) इकट्ठा करें।
  4. सुनिश्चित करें कि मामला गंभीरता से लिया जाए – यदि पुलिस टालमटोल कर रही है, तो Advocate Sudhir Rao जैसे विशेषज्ञ की मदद से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा सकती है।

💼  एक अच्छे वकील की भूमिका कैसे मददगार होती है?

एक अनुभवी वकील:

  • मजबूत anticipatory bail याचिका तैयार करता है।
  • FIR quashing के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है यदि आरोप झूठे हैं।
  • महिला पक्ष से धारा 164 का सटीक बयान रिकॉर्ड करवाता है ताकि बाद में मामला कमजोर न हो।
  • साक्ष्य की वैधता और परिस्थितियों की सटीक जांच करता है।

👉 Advocate Sudhir Rao जैसे कानूनी विशेषज्ञ, जिन्होंने अनेक मामलों में इस धारा के तहत न्याय दिलाया है, आपके पक्ष को मज़बूती से पेश कर सकते हैं।


❓  सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या सिर्फ प्रेम-विवाह करने पर भी धारा 87 लग सकती है?

उत्तर: नहीं, अगर महिला बालिग है और उसने अपनी मर्जी से विवाह किया है, तो यह धारा लागू नहीं होगी। Advocate Sudhir Rao के अनुसार, इस स्थिति में महिला का स्वतंत्र बयान सबसे महत्वपूर्ण होता है।

Q2. क्या लड़की के माता-पिता की शिकायत पर ये धारा लग सकती है?

उत्तर: हाँ, लेकिन महिला का बयान निर्णायक होगा। यदि वह कहती है कि वह अपनी इच्छा से गई थी, तो धारा 87 टिकेगी नहीं।

Q3. क्या महिला की मर्जी से साथ जाने पर भी धारा 87 लग सकती है?

उत्तर: यदि महिला नाबालिग है या कोई दबाव, धमकी या धोखा साबित हो जाए, तो यह धारा लग सकती है।

Q4. क्या लड़की के साथ शादी करने के लिए अपहरण या दबाव डालने पर भी यह धारा लगती है?

उत्तर: हाँ, शादी के उद्देश्य से भी अगर महिला की मर्जी के खिलाफ कोई दबाव बनाया गया हो, तो यह अपराध बनता है।


📝  निष्कर्ष (Conclusion)

BNS धारा 87 महिलाओं की इच्छा के विरुद्ध विवाह या यौन शोषण को रोकने के लिए बनाई गई एक सख्त धारा है। लेकिन इस धारा का दुरुपयोग भी कई मामलों में देखा गया है। ऐसे में दोनों पक्षों को सही कानूनी सलाह, रणनीति और विशेषज्ञ सहयोग की आवश्यकता होती है।

यदि आप इस धारा से संबंधित किसी भी मामले में फँस गए हैं या पीड़ित हैं, तो Advocate Sudhir Rao जैसे अनुभवी वकील से सलाह लेना आपके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा के लिए सबसे बुद्धिमान निर्णय होगा।


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